केशव पंडित

keshav panditवह उपन्यास जिसमें इस सदाबहार किरदार का बचपन बताया गया है । वह बचपन जिसे पड़ने क बाद एक तरफ आप व्यवस्था से नफरत करने लगेंगे और दूसरी तरफ इस किरदार से बेहद प्यार । साथ ही ये प्रेरड़ा भी लेंगे कि सदी गली वव्यस्था से कैसे लड़ना चाहिए ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>