पैंतरा

paitraपंकज एक राइटर था । उसका सपना था उसकी स्टोरी पर फ़िल्म बन जाये ।
इस धुनक मैं वह एक बड़े पेंतरेबाज से जा टकराया । जुल्म की दल दल में धस्ता चला गया
वह और फिर उस दल दल से निकलने क लिए उसने भी चला एक पैंतरा ।
परन्तु क्या उसका पैंतरा कामयाब हुआ? कंही ऐसा तो नहीं हो गया कि जिसे
वह अपना पैंतरा समझ रहा था वह भी उसी का पैंतरा निकला, जिसने उसे जुर्म की दल दल मैं फंसाया था ।

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