About Characters

विजय - राजनगर शहर के आईजी ठाकुर निर्भयसिंह की नज़रों में उनका नालायक बेटा । नालायक इसलिए क्यों की उन्हें पता नहीं है विजय न केवल भारतीय सीक्रेट सर्विस का जाबांज जासूस है बल्कि भारत की सबसे बड़ी जासूस कंपनी का चीफ भी है । उसने कसम खाई है कि वो यह बात कभी किसी को पता नहीं लगने देगा । अपनी असलियत छुपाने क लिए वह सबके सामने इस कदर मूर्खता पूर्ण हरकते करता रहता है कि कोई उसे सीरियस नहीं लेता । उसका नज़दीकी से नज़दीकी शख्स कल्पना नहीं कर सकता कि उसने देश के लिए कितने बड़े बड़े काम किये है ।

विकास - बाइस वर्षीया खूबसूरत लड़का । विजय का भांजा । शहर के सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस मिस्टर रघुनाथ का बेटा । वह भी सीक्रेट एजेंट है लेकिन किसी को इस बारे में कुछ नहीं मालूम । देशभक्त इतना की यदि हिंदुस्तान की तरफ कोई घूर कर भी देख ले तोह उसकी आँखे निकल कर उसकी हथेली पर रख देगा । जितना खूबसूरत है उससे कंही ज्यादा खतरनाक । दोस्तों का ऐसा दोस्त की दोस्तों के लिए जान दे देगा दुश्मनो का ऐसा दुश्मन- कि दुश्मन उसे दरिंदा कहते है । हिंसक कहते है । क्रूर और दुदांत कहते है क्यूंकि देश के दुश्मनो को आपने बलेट से चीर फार डालना उसके बाएं हाथ का खेल है ।

अलफांसे - अंतरराष्ट्रीय अपराधी । ऐसा, जिसकी हर देश को तलाश है । दुनिया भर के देशों में जिसकी गिरफ़्तारी पर इनाम घोषित किये हुए है लेकिन उसका दावा  है कि दुनिया की कोई भी जेल उसे उसकी मर्ज़ी के बिना अपनी चारदीवारी में कैद नहीं रख सकती । वह विजय का दोस्त भी है और दुश्मन भी । विकास का गुरु है क्यूंकि उसे बहुत से गुर उसी ने सिखाये है उसने, जिसका ईमान बस पैसा है । पैसों की खातिर वह कुछ भी कर सकता है । सुपारी मिले तो विजय, विकास जैसो का मर्डर करने से भी न चुके ।

सिंगही - एक ऐसा किरदार जिसका एक ही सपना है । दुनिया को फतह करना । संसार पर हुकूमत करना । बहुत बड़ा वैज्ञानिक है ये । विज्ञानं के बूते पर ही कई बार ऐसे कारनामे किये है कि विश्व विजेता बनने के बहुत करीब पहुँच गया । इस संसार में उसका सबसे बड़ा दुश्मन है – विजय । क्यूंकि यही शख्स है जो बार बार उसके सपने को चूर चूर कर देता है ।

केशव पंडित - उसने एलएलबी की परीक्षा पास नहीं की लेकिन किसी भी वकील से ज्यादा कानून जानता है क्यूंकि दस साल की उम्र से पैंतीस साल की उम्र तक कानून और केवल कानून की किताबे पड़ता रहा है । वह कानून की धाराओं के बीच से इस तरह सुरंग बना कर अपराध करता है कि कानून के बड़े बड़े पंडित उसके कृत्य को अपराध ही साबित नहीं कर पाते । वह ऐसा क्यों करता है इसके पीछे एक बहुत ही दर्दनाक कहानी है और उस कहानी को आप ‘केशव पंडित’ नमक उपन्यास को पड़ने के बाद जान सकते है ।

विभा जिंदल - वेद प्रकाश शर्मा की दोस्त । जिंदल पुरम नमक शहर की महारानी । यह पेशेवर डिटेक्टिव नहीं है लेकिन अगर कोई ऐसा मर्डर हो गया हो जिसकी गुत्थी किसी से न सुलझ पा रही हो तो उसे सुलझाने निकल पड़ती है और तब तक चैन नहीं लेती जब तक उस गुत्थी की धज्जियाँ न उदा दे । वह विदवा है क्यों कि कुछ लोगों ने उसके पति का मर्डर कर दिया था । अगर आप ये जानना चाहते है की उसने अपने पति के हत्यारों को कैसे खोज निकाला और फिर उनका क्या हर्ष किया तोह ‘साढ़े तीन घंटे’ पड़े ।

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